Saturday, April 3, 2010

6 comments:

  1. राजस्थानी सौन्दर्य के सूक्ष्म अंकन के साथ नारी मनोभावों की सशक्त अभिव्यक्ति-"भीगी पाग पधार स्यो जद जाणूगीं नेह।"
    बधाई प्रवेश जी आपकी कूची इसी तरह राजस्थानी सौन्दर्य व मानवीय अनुभूतियों को अभिव्यक्ति देती रहेगी, ऐसी उम्मीद व विश्वास है।

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  2. शुक्रिया उम्मेद जी .....आपका प्रोत्साहन मेरे मनोबल को मजबूती देता है ,शीघ्र ही आपको राजस्थान की एक और कलाकृति देखने को मिलेगी

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  3. सुन्दर और मनमोहक कलाकृति. राजस्थान मेरा दिल है, पंजाब मेरी कर्म भूमि और विश्व मेरी आत्मा.

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